दांतों की सुरक्षा।


 

दांतों की सुरक्षा।


बच्चों का परीक्षा परिणाम आ गया था। गर्मियों की छुट्टियां आरंभ हो गई थी। अर्चित,शुभी और भारत गर्मियों की छुट्टियां बिताने अपनी नानी के घर लखनऊ पहुंच गए। 1 दिन प्रात काल नाना जी ने सब बच्चों को जगाया और उनसे पूछा बच्चों बताओ आज कहां घूमने चलोगे।

चिड़ियाघर! सुभी खुशी से चिल्लाई उसके पीछे अर्चित और भारत भी बोले हां चिड़ियाघर।
ठीक है तुम सब तैयार हो जाओ हम थोड़ी देर में चलेंगे कहकर नानाजी कमरे से बाहर चले गए।
नाना जी के कमरे से बाहर जाते ही अर्चिता और भारत पशु पक्षियों की भिन्न-भिन्न आवाजें निकालने लगे बंदर, चिड़िया की आवाजों से कमरा गूंजने लगा इतनी देर में सुभि के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई पड़ी।
अरे सुभि डर गई है चलो उसे चुप कराएं अर्चित बोला।
कमरे में जाकर मालूम पड़ा कि सुबह डरी नहीं बल्कि उनके दांतों में बहुत पीड़ा हो रही थी।।
शुभी के छोटे मामा जी दातों के विशेषज्ञ हैं नानाजी ने अपने तुरंत सूचित किया।वे शीघ्र ही अपना औषधियों वाला बैग लेकर आ गए सभी लोग सुभी को चुप कराने में लगे थे। मामा जी ने सुभी से मुंह खोलने को कहा और उनके दांतो को देखा। वे सुभी से बोले शुभी बेटा तुम्हारे दांत तो बहुत गंदे हो रहे हैं तुम्हारे 2-3 दातों में कीड़ा भी लगा हुआ है बेटा क्या तुम प्रति दात साफ नहीं करती हो।
हां भईया यह प्रतिदिन दांत साफ नहीं करती बार-बार कहने पर ही करती है शुभी की मां ने कमरे में प्रवेश करते हुए कहां।
शुभी देखो ये बहुत गंदी बात है तुमको दिन में दो बार दांत साफ करने चाहिए। एक बार सुबह उठने के पश्चात और दूसरी बार सोने से पूर्व बेटा। अभी तुम्हारी आयु केवल 9 वर्ष है अभी तुम्हारे कुछ दांत दूध के है तो कुछ पक्के भी तो मैं तुम्हारे दातों में दवा लगा देता हूं लेकिन तुम प्रतिदिन दो बार दांत साफ अवश्य करोगी वरना मैं तुमसे नाराज हो जाऊंगा मामा जी ने सुबह से नाराजगी स्वरूप समझाते हुए कहा।
दातों में कीड़ा कैसे लगता है भारत ने मामा जी से पूछा।
बेटा जो भोजन हम करते हैं उसे पीसकर महीन करने में दांत कार्य करते हैं यदि भोजन मिठाई आदि के बारीक कण दांत में लगे रह जाते हैं तब इन कणों से दांत खराब हो जाते हैं और उन में कीड़ा लग जाता है कुछ बच्चे बहुत अधिक चॉकलेट, टॉफी, आइसक्रीम आदि खाते हैं उनके दातों में हर वक्त मीठा लगा रहता है जिससे उनके दांत खराब हो जाते हैं और उनमें कीड़ा भी लग जाता है।
मामा जी तो क्या हम लोगों को मिठाई नहीं खानी चाहिए,भारत में पूछा।
नहीं बेटा मिठाई खाने में कोई बुराई नहीं है किंतु दातों में बिठा चिपका हुआ नहीं रहना चाहिए क्योंकि चीनी के जीवाणु मिलकर एक प्रकार का मल बनाते हैं जो दातों को सफेद परत पर जम जाता है जिससे दांत खराब हो जाते हैं और उन में कीड़ा लग जाता है अतः आप जब भी कुछ खाओ उसके बाद कुल्ला करें। साफ करो मामा जी ने भारत को बताया।

इसके बाद सब लोगों ने साथ मिलकर नाश्ता किया।नाश्ता करते समय मामा जी ने बताया कि दूध पीना दातों के लिए बड़ा लाभदायक होता है इससे दांत मजबूत होते हैं क्योंकि दांत में कैल्शियम होता है कच्ची सब्जियां जैसे गाजर मूली, शलजम, खीरा टमाटर, काकडी और ताजे फल जैसे सेब अमरूद, संतरा आदि खूब खाने चाहिए यह दांतो को मजबूत बनाते हैं और इनसे दातों की कसरत भी होती है।
ठीक है मामा जी अब से मैं आपकी सारी बातों का ध्यान रखूंगी दिन में दो बार दांत साफ करूंगी और खूब कच्ची सब्जियां व फल खाया करूंगी सुबह ने मामा जी से बात किया।
दवा लगने से सभी के दांतो की पीड़ा खत्म हो गई सभी तैयार होकर नानाजी के साथ चिड़ियाघर घूमने चले गए।

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